Monday, June 23, 2008

"कलयुग केवल नाम अधारा "

नमो: नारायनाये:
नाम जाप की जो महीमा कलयुग के लीए बताई गई है उसके अनुसार भगवन के नाम का सुमीरण करना ही वो सूत्र है जीसके द्वारा भगवन की प्राप्ती की जा सकती है रामायण में गोस्वामी जी कहते हैं "कलयुग केवल नाम अधारा " और फीर नाम लेने मैं नुकसान ही क्या है ये तो ऐसा काम है जीसे चलते फीरते कोई भी कभी भी कर सकता है....कोई बंधन नहीं समय का, स्थान का
जपते जाओ
और आनंद उठाओ

आपके सवालों के लीए सदैव तैयार
आपका संत राम दास